
देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड में कोई चर्चा हो न हो लेकिन राज्य की नौकरशाही हमेशा चर्चाओं में रहती है। नौकरशाहों की मनमानी और अड़ियल रवैये से सियासी गलियारों में भी तापमान गर्म देखा गया है। बहरहाल राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज हुई भाजपा सरकार अब नौकरशाही के पर कतरने की तैयारी में जुट गई है।
अगर हम ये कहें कि धामी सरकार एक्टिव मोड में आ चुकी है तो अतिश्योक्ति नही होगी क्योंकि खबर ये है कि धामी सरकार के मंत्रियों ने अपनी सहूलियत के मुताबिक अधिकारी मांगे हैं। ऐसे में माना ये जा रहा है कि मुख्यमंत्री अपने कुमाऊं दौरे से वापस आने के बाद नौकरशाही में ब्ड़े पैमाने पर फेरबदल संभव है। बहरहाल कल मुख्यमंत्री ने इस बात का संकेत देते हुए कहा कि इस मामले में कार्य चल रहा है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
वैसे भी ये रूटीन वर्क है कि जब भी कोई नई सरकार का गठन होता है ऐसे में वह अपने हिसाब से अधिकारियों की तैनाती करती है। इसके पीछे सरकार की मंशा ये होती है कि अधिकारियों के माध्यम से योजनाओं को धरातल पर उतारना व गति देना भी होता है। इस नजरिये से देखें तो इस बार भी स्थिति कुछ जुदा नहीं है।





