
देहरादून : नदी-नालों में कूड़ा फेंकने, अतिक्रमण करने और मलबा डंप करने वालों पर नगर निगम मुकदमा दर्ज कराएगा। हाईकोर्ट के निर्देश के क्रम में नगर निगम कार्रवाई और आमजन को जागरूक करने में जुट गया है। रिस्पना-बिंदाल समेत तमाम नदी-नालों के करीब चेतावनी बैनर लगा दिए गए हैं। जिन पर नदी-नालों को साफ बनाए रखने की अपील की गई है। साथ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।नगर निगम की ओर से शहर के तमाम ऐसे स्थल चिहि्नत किए गए हैं, जहां लोग नदी-नालों में कूड़ा व मलबा डंप करते हैं। नदी-नालों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए आमजन से अपील की गई है कि वह नदियों में गंदगी न फेंके और न ही किसी प्रकार का अतिक्रमण किया जाए।
ऐसे करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।इसके अलावा नगर निगम की ओर से ऐसे स्थानों पर निगरानी भी की जाएगी। फिलहाल निगम कर्मी ही नियमित रूप से निगरानी और कार्रवाई करेंगे। भविष्य में उक्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर निगरानी की जाएगी।दरअसल, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दून घाटी की नदियों में अतिक्रमण और खनन को लेकर सरकार से कार्ययोजना मांगी थी। जिसके क्रम में नगर निगम देहरादून ने शहर की नदियों को बचाने के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। रिस्पना और बिंदाल नदी में कूड़ा और मलबा फेंकने और अतिक्रमण करने पर कार्रवाई को लेकर चेतावनी बैनर लगा दिए गए हैं।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि आमजन से अपील है कि नदी-नालों में कूड़ा न फेंकें। नगर निगम के कूड़ा वाहनों में ही कचरा दिया जाए। ताकि इसका समुचित निस्तारण किया जा सके। साथ ही नदियों को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम के सहयोग की अपील भी की गई है।नगर निगम की ओर से रिस्पना-बिंदाल समेत तमाम नदी-नालों की सफाई को अभियान भी चलाया गया, लेकिन आसपास के क्षेत्रवासी अब भी बाज नहीं आ रहे हैं। घरों से कूड़ा लेकर नदियों में फेंक रहे हैं। नदी-नालों के पुलों पर जाली लगाने के बावजूद कूड़े के अंबार लग रहे हैं।हालांकि, कुछ क्षेत्रों में लोग कूड़ा वाहन न आने के कारण नदी-नालों में गंदगी फेंकने को मजबूर होने की बात कहते हैं। नगर निगम ने नदी-नालों के आसपास की बस्तियों में छोटे टिपर वाहनों से कूड़ा उठान करने की व्यवस्था की है।