
देहरादून : उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने पंचायत चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए सदन को हंगामेदार बना दिया। विपक्षी विधायकों ने सदन के भीतर जमकर नारेबाजी की और वेल तक आकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने यहां तक कि सचिव की मेज पलटने की कोशिश की, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए। लगातार शोर-शराबा और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
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नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर ही धरना शुरू कर दिया और सरकार पर चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाया। हंगामे के दौरान स्पीकर ऋतु खंडूडी और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। स्पीकर ने विपक्ष से कहा कि वे अपने मुद्दे प्रश्नकाल में उठाएं, लेकिन विपक्षी विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे और लगातार नारेबाजी करते रहे।
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सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए। विपक्ष का कहना है कि पंचायत चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं और सरकार इस पर पर्दा डाल रही है। कांग्रेस का आरोप है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर सरकार सत्ता के दुरुपयोग में लगी हुई है।
विपक्ष के तेवर देखते हुए सत्ता पक्ष भी सतर्क हो गया है। सदन में भारी हंगामे के चलते सत्र की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि जब तक पंचायत चुनाव में कथित धांधली की जांच की मांग पर सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, उनका विरोध जारी रहेगा।
इस बीच, सदन के पहले दिन सरकार की ओर से 5000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और नौ विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। विपक्ष के हंगामे के बीच इस पर भी असर पड़ने की संभावना है। मानसून सत्र की शुरुआत जिस तरह से शोर-शराबे और हंगामे के साथ हुई है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन का माहौल और भी गरम रहने वाला है।





