
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को सीपी राधाकृष्णन को देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में राधाकृष्णन ने लाल कुर्ता पहनकर ईश्वर के नाम पर अंग्रेजी में शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, कैबिनेट मंत्री और विपक्षी नेता सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद धनखड़ पहली बार सार्वजनिक रूप से इस समारोह में शामिल हुए।
9 सितंबर को हुए चुनाव में एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को 452 वोट मिले थे, जबकि विपक्षी उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास पहले से ही बहुमत का आंकड़ा था, साथ ही वाईएसआर कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन के चलते राधाकृष्णन की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। उनके पक्ष में क्रॉस-वोटिंग के संकेत भी सामने आए।
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राधाकृष्णन ने अपनी जीत के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने नई नियुक्ति तक गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
तमिलनाडु से आने वाले 67 वर्षीय राधाकृष्णन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से गहरे जुड़े रहे हैं। वह दो बार कोयंबटूर से सांसद रह चुके हैं और भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष भी रहे हैं। उनका राजनीतिक करियर जनसंघ से शुरू हुआ और बाद में वह भाजपा में शामिल हुए।
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जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा देने के बाद यह चुनाव आवश्यक हुआ था।






