
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैला हुआ था। एसटीएफ ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से फर्जी शस्त्र लाइसेंस, एक अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गैंगस्टर और अवैध हथियारों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन्हें उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में दर्ज करा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान एक शस्त्र लाइसेंस की संदिग्ध गतिविधि सामने आई, जिसे पहले सिरसा से मेरठ और फिर देहरादून ट्रांसफर दिखाया गया था। जब सिरसा जिलाधिकारी कार्यालय से इसका सत्यापन कराया गया तो स्पष्ट हुआ कि यह लाइसेंस वहां से कभी जारी ही नहीं किया गया था।
पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ ने थाना प्रेमनगर क्षेत्र के केहरी गांव में दबिश देकर मनोज सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों और फर्जी दस्तावेजों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।






