
कोटद्वार : चल रहे विवाद पर अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए मोहम्मद दीपक को भारत का हीरो बताया। राहुल गांधी ने लिखा कि उत्तराखंड के दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और संघ परिवार रोज़ संविधान को रौंदने की साजिश कर रहे हैं और देश में नफरत का माहौल जानबूझकर फैलाया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान चलाना सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभता है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति के बिना विकास सिर्फ एक जुमला है और देश को ऐसे और लोगों की ज़रूरत है जो डरें नहीं और संविधान के साथ मजबूती से खड़े रहें। ट्वीट के अंत में उन्होंने दीपक को बब्बर शेर बताते हुए कहा कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
बजरंग दल के हंगामे के बाद कोटद्वार में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पटेल मार्ग स्थित एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर उपजे विवाद के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बीते दो दिनों से रात के समय पुलिस फ्लैग मार्च निकाल रही है। देहरादून और हरिद्वार से आए बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पहले पटेल मार्ग और फिर मालवीय उद्यान में जमकर हंगामा किया था। इसके बाद जिलेभर से कई पुलिस अधिकारियों को कोटद्वार बुला लिया गया है और दो प्लाटून पीएसी की तैनाती भी की गई है। दूसरे पक्ष से जुड़े बाहरी लोगों के शहर में पहुंचने की आशंका के चलते कौड़िया स्थित यूपी-यूके बॉर्डर पर आने-जाने वाले सभी वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच जारी है।
कोटद्वार प्रकरण में मोहम्मद दीपक की सुरक्षा को लेकर जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड ने डीजीपी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार पर हुए हमले के दौरान दीपक ने बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई थी। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को खतरा बना हुआ है। जमीअत का आरोप है कि 31 जनवरी को देहरादून और हरिद्वार से आए लोगों ने दीपक के जिम में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। संगठन ने कहा कि हिंसा का विरोध करने और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करने वाले व्यक्ति को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जमीअत ने डीजीपी से दीपक को सुरक्षा देने और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।




