
देहरादून: सोमवार को बीएएमएस 2021-22 बैच का लंबित परीक्षा परिणाम ऐसा सुलगा कि मामला सीधे पानी की टंकी की छत तक जा पहुंचा। हर्रावाला स्थित विश्वविद्यालय परिसर में सुबह से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे छात्रों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और आंदोलन ने अचानक उग्र रूप ले लिया। परिणाम जारी न होने से नाराज छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और परिसर में जमकर नारेबाजी शुरू हो गई।
इसी बीच माहौल तब और गरमा गया जब डीएवी पीजी कालेज के छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषभ मल्होत्रा सहित दो छात्र विश्वविद्यालय परिसर में बनी ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। नीचे खड़े सैकड़ों छात्रों की धड़कनें तेज थीं और ऊपर से परिणाम जारी करने की मांग गूंज रही थी। टंकी पर चढ़े छात्रों ने साफ संदेश दिया—“दो साल से अटका रिजल्ट अब और बर्दाश्त नहीं।”
छात्रों का आरोप है कि बीएएमएस 2021-22 बैच का परीक्षा परिणाम करीब दो वर्षों से लंबित है। उनका कहना है कि रिजल्ट के बिना न आगे की पढ़ाई का रास्ता खुल रहा है और न ही करियर की दिशा साफ हो पा रही है। “भविष्य अधर में है और जिम्मेदार चुप हैं,” यह आरोप प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन पर लगाया।
सुबह शुरू हुआ शांतिपूर्ण धरना दोपहर तक तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया। पानी की टंकी पर चढ़े छात्रों को नीचे उतारने के लिए पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, सुरक्षा का हवाला दिया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका साफ कहना है कि जब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाता या फिर लिखित में ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन थमने वाला नहीं है।
फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में जुटा है। परिसर में भारी हलचल है, छात्र डटे हुए हैं और सबकी निगाहें अब विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।




