
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने सोमवार को इंडिया ब्लॉक के नेताओं की प्रस्तावित बैठक से पहले केंद्र की भाजपा सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के दौर में भारत की विदेश नीति कमजोर हुई है और देश के हितों को सही ढंग से संभाला नहीं जा रहा है। यादव ने कहा कि जिस तरह से महंगाई लगातार बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बिगड़ रही हैं, उसका असर विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। उनका दावा है कि मध्य पूर्व के कई देशों में फंसे भारतीय नागरिक मौजूदा संकट के कारण अपने त्योहार तक नहीं मना पा रहे हैं, जो सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के तहत भारत की विदेश नीति मानो गिरवी रख दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर सरकार आखिर क्या कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बैठक होने जा रही है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक के एजेंडे को लेकर उन्होंने संकेत दिया कि इसमें संसद से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। खास तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग से जुड़े प्रस्ताव पर विपक्ष की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए भी चर्चा होने की संभावना है। अखिलेश यादव ने कहा कि सदन के नेताओं की बैठक में आगे की कार्यवाही को लेकर निर्णय लिया जाएगा और विपक्ष एकजुट होकर अपनी बात रखने की कोशिश करेगा।
इस बीच समाजवादी पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने भी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर संसद में विदेश मंत्री के संभावित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल बयान देने से विपक्ष की मुख्य चिंताओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने से बचती रही है।
राम गोपाल यादव ने कहा कि संसद की परंपरा रही है कि जब सरकार किसी मुद्दे पर सदन में बयान देती है तो विपक्ष को उस पर सवाल पूछने और स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार होता है। लेकिन उनके मुताबिक वर्तमान सरकार अक्सर ऐसे स्पष्टीकरण देने से बचती है, जिससे विपक्ष की शंकाएं दूर नहीं हो पातीं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव के सवाल पर राम गोपाल यादव ने कहा कि जब तक इस विषय पर सदन में औपचारिक रूप से चर्चा नहीं होती, तब तक उनकी पार्टी इस पर विस्तृत टिप्पणी नहीं करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष इस मुद्दे पर भी संयुक्त रूप से रणनीति बनाने पर विचार कर रहा है।







