
देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार ने कुल 11 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए। इनमें उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों पर (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन विधेयक, उत्तराखंड माल और सेवाकर (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक तथा उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक शामिल हैं। इन विधेयकों के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक, सामाजिक और संस्थागत व्यवस्थाओं में संशोधन और सुधार का प्रस्ताव रखा गया है।
प्रदेश में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने गंभीर प्रयास शुरू किए हैं, जिनसे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वन विभाग ने ग्रामीणों से एक वर्ष के भीतर 5 करोड़ 42 लाख रुपये का पिरूल खरीदा है। चीड़ के जंगलों में आग लगने के मुख्य कारण पिरूल को हटाने के लिए वर्ष 2025 में 5532 टन पिरूल खरीदा गया है और इस लक्ष्य को बढ़ाकर 8555 टन कर दिया गया है। सरकार की मंशा है कि पिरूल एकत्र कर जंगलों में आग लगने की आशंका को न्यूनतम स्तर तक लाया जाए। इसके साथ ही जनजागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है और मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1239 जागरूकता शिविर लगाए गए हैं। ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट कमेटियों का गठन किया गया है, जो वन विभाग के साथ मिलकर जंगलों की सुरक्षा में जुटी हैं। संबंधित ग्राम पंचायतों को इसके लिए 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। यह जानकारी वन मंत्री सुबोध उनियाल ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दी।
प्रदेश में धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है। पर्यटन मंत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक पीपीपी मोड में रोपवे का संचालन शुरू हो चुका है। इसके अलावा चम्पावत जिले में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी तक रोपवे का निर्माण पीपीपी मोड में चल रहा है। उत्तरकाशी जिले में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक रोपवे विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
लोकनिर्माण विभाग ने प्रदेश की सड़कों को गड्डामुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया है। विभाग की ओर से सदन में दी गई जानकारी के अनुसार नवंबर के प्रथम सप्ताह तक सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्डामुक्त किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में मानसून से पहले 3134 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्डामुक्त किया गया, जबकि मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें गड्डामुक्त किया गया। इस अभियान के दौरान अकेले हरिद्वार जिले में 313 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्डामुक्त किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में प्रदेश में पंचायत भवनों के निर्माण और पुनर्निर्माण का काम भी तेजी से किया गया है। इस अवधि में 819 पंचायत भवनों का निर्माण या पुनर्निर्माण किया गया है। प्रदेश में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पंचायतीराज विभाग ने अभियान चलाकर इन भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की, जिसके तहत चार वर्षों में 819 भवनों का कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष भवनों पर काम जारी है। यह जानकारी पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दी।
चोरड़ा से भराड़ीसैंण मोटर मार्ग की मांग को लेकर चोरड़ा गांव की महिलाएं विधानसभा परिसर तक पहुंच गईं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें अस्थायी जेल ले जाया गया। महिलाएं लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रही हैं और इसी को लेकर उन्होंने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।




