
देहरादून/गैरसैंण: प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) को लेकर उनके बयान पर विपक्ष जानबूझकर अनावश्यक हो-हल्ला कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान का आशय यह था कि भराड़ीसैंण राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी है, लेकिन इसके साथ-साथ गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों को भी विकसित किया जाना चाहिए, ताकि पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सके और स्थानीय लोगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल सकें।
सतपाल महाराज ने कहा कि गैरसैंण के विकास को लेकर उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, जबकि उनका उद्देश्य ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के साथ पूरे गैरसैंण क्षेत्र के समग्र विकास की बात करना था। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को आरोप लगाने से पहले यह भी जान लेना चाहिए कि भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन के निर्माण में उनकी क्या भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि उनके बयान को अनावश्यक तूल देकर कांग्रेस गैरसैंण के विकास में अवरोध उत्पन्न करने की कोशिश कर रही है और राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। मंत्री ने कहा कि वह लंबे समय से भराड़ीसैंण और गैरसैंण के विकास के पक्षधर रहे हैं। उनके प्रयासों से ही वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने गैरसैंण में विधानसभा भवन का शिलान्यास किया था।उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर कांग्रेस जनता को भ्रमित करने की कोशिश न करे, क्योंकि प्रदेश की जनता कांग्रेस के चरित्र को भली-भांति जानती है।





