
15 मार्च को नई दिल्ली में होने वाले बीसीसीआई के वार्षिक नमन पुरस्कार समारोह में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को कर्नल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसी समारोह में भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार से नवाजा जाएगा। एक रिपोर्ट में इन पुरस्कारों से जुड़ी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा मुंबई के युवा खिलाड़ी Ayush Mhatre को घरेलू सीमित ओवरों के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के रूप में लाला अमरनाथ पुरस्कार दिया जाएगा। गौरतलब है कि म्हात्रे ने हाल ही में जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीसीसीआई पूर्व भारतीय महिला कप्तान Mithali Raj को भी लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार देने पर विचार कर रहा है। अन्य पुरस्कारों में Mumbai Cricket Association (एमसीए) को घरेलू क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट एसोसिएशन के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
जहां तक राहुल द्रविड़ की बात है, तो वे इस शीर्ष सम्मान के पूरी तरह हकदार माने जा रहे हैं। 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दी हैं। वे पहले राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख रहे, फिर भारतीय अंडर-19 टीम के मुख्य कोच बने और बाद में वरिष्ठ भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली।
द्रविड़ भारतीय क्रिकेट के मशहूर ‘बिग फोर’ बल्लेबाजों में शामिल रहे, जिसमें Sachin Tendulkar, Sourav Ganguly और VVS Laxman जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल थे। उन्हें आज भी टेस्ट क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में गिना जाता है। अपने करियर में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 13,288 रन और वनडे क्रिकेट में 10,889 रन बनाए।
संन्यास के बाद कुछ समय तक उन्होंने कमेंट्री भी की, लेकिन बाद में कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली। भारतीय अंडर-19 टीम के साथ उनके काम की काफी सराहना हुई। इसके बाद उन्होंने Ravi Shastri की जगह भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच का पद संभाला। उनके कार्यकाल में भारत ने आईसीसी टूर्नामेंटों में मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें विश्व कप के फाइनल तक पहुंचना और ICC Men’s T20 World Cup 2024 जीतना शामिल है।
वहीं शुभमन गिल की बात करें तो उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में शानदार नेतृत्व करते हुए इतिहास रचा। इस सीरीज में उन्होंने 700 से अधिक रन बनाकर न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि खुद को आधुनिक दौर के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में भी साबित किया।






