
देहरादून : सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ Bipin Rawat की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें स्मरण किया और देश की सुरक्षा के लिए उनके योगदान को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत ने अपना पूरा जीवन माँ भारती की सेवा में समर्पित कर दिया। वे अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के ऐसे प्रतीक थे, जिनका जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि सेना में रहते हुए जनरल रावत ने न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत किया, बल्कि सैन्य नेतृत्व और रणनीतिक सोच के माध्यम से भारतीय सेना को नई दिशा देने का कार्य भी किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती को यह गौरव प्राप्त है कि इसी भूमि ने देश को ऐसा वीर सपूत दिया, जिसने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत की कार्यशैली, दृढ़ निर्णय क्षमता और दूरदर्शिता ने भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के प्रति जनरल रावत का समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्चा देशभक्त वही है जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर अपने कर्तव्यों का पालन करे। उन्होंने कहा कि युवाओं को जनरल बिपिन रावत के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की सेवा और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का नेतृत्व और उनके विचार भारतीय सेना के इतिहास में सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के लिए उनका योगदान अमिट है और राष्ट्र हमेशा उनके बलिदान और सेवाओं को कृतज्ञता के साथ स्मरण करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल रावत का जीवन और उनकी विरासत हम सभी को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत बनाए रखेगी।





