
देहरादून: नवरात्र के पहले ही दिन मौसम ने अचानक करवट लेकर पूरे उत्तराखंड में ठंड और सतर्कता दोनों बढ़ा दी है। सुबह से पहाड़ी इलाकों में हल्की वर्षा जारी है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बादलों ने आसमान को ढक लिया है। मसूरी, हल्द्वानी, नैनीताल, बागेश्वर और कोटद्वार समेत कई क्षेत्रों में वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है।
बागेश्वर जिले में बूंदाबांदी ने ठंड को और बढ़ा दिया है। गुरुवार तड़के करीब तीन बजे से ही घने बादलों ने आसमान को घेर लिया था, जिसके बाद सुबह छह बजे के आसपास हल्की वर्षा शुरू हो गई। यह सिलसिला रुक-रुककर जारी है और गरुड़ सहित आसपास के क्षेत्रों में भी यही स्थिति बनी हुई है। ठंड बढ़ने के कारण लोगों ने फिर से गर्म कपड़े निकाल लिए हैं और कई जगह अलाव का सहारा लिया जा रहा है।
मौसम विभाग ने हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात की संभावना जताई है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है। मौसम में इस बदलाव का असर जनजीवन पर भी साफ दिख रहा है, लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गर्जन, चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है, जबकि पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं तेज वर्षा के दौर भी देखने को मिल सकते हैं।
हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज गर्जना, बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी करते हुए 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।





