
देहरादून: पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण कर रसोई गैस आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली, बल्कि रेस्टोरेंट संचालकों से सीधे संवाद कर जमीनी हालात को समझने की कोशिश भी की। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में ऊर्जा संसाधनों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है और सरकारें आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रेस्टोरेंट संचालकों से विस्तार से बातचीत करते हुए गैस सप्लाई की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। रेस्टोरेंट संचालक ने उन्हें बताया कि हाल के दिनों में गैस आपूर्ति में हल्की कमी जरूर देखने को मिली है, लेकिन अभी तक सप्लाई पूरी तरह से बाधित नहीं हुई है और नियमित रूप से गैस मिल रही है। हालांकि, भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली में कुछ बदलाव किए हैं, जैसे कि गैस की खपत को कम करने के लिए तंदूर का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे ईंधन की बचत हो सके।
मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक और व्यावहारिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के नवाचार और संसाधनों का संतुलित उपयोग ही आने वाले समय में संभावित चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक तैयारियां की जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल राज्य में गैस की कोई गंभीर कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देशभर में गैस आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी कर रही है और किसी भी तरह की समस्या आने पर तुरंत समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के साथ-साथ आम जनता से भी अपील की कि वे घबराने की बजाय संयम और समझदारी से काम लें। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी तरह की चुनौती सामने आती है, तो देशवासियों को एकजुट होकर उसका सामना करना होगा। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह पूरे देश ने मिलकर उस कठिन समय का सामना किया था, उसी तरह की एकजुटता और धैर्य इस बार भी जरूरी होगा।
इसके अलावा उन्होंने लोगों को ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गैस के साथ-साथ इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक उपकरण और अन्य विकल्पों का उपयोग कर ईंधन की बचत की जा सकती है। इससे न केवल व्यक्तिगत स्तर पर राहत मिलेगी, बल्कि समग्र रूप से देश की ऊर्जा जरूरतों को संतुलित करने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हर स्थिति में जनता के साथ खड़ी है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य आम लोगों को राहत पहुंचाना और आवश्यक सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखना है, ताकि किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।




