
देहरादून : व्यस्त और घनी आबादी वाले मोती बाजार क्षेत्र में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कपड़े के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। रात के समय लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखे हजारों रुपये के कपड़े देखते ही देखते जलकर राख हो गए। आसपास के लोगों ने जब गोदाम से उठती आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुआं देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी।
बताया जा रहा है कि यह गोदाम स्थानीय व्यापारी तरुण तनेजा का है, जिनकी मोती बाजार में कपड़े की दुकान भी स्थित है। दुकान से थोड़ी दूरी पर बने इस गोदाम में बड़ी मात्रा में कपड़ों का स्टॉक रखा गया था। खास बात यह है कि घटना वाले दिन सुबह ही गोदाम में नया माल मंगाया गया था, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। हालांकि बाजार क्षेत्र की संकरी गलियां और गोदाम के आसपास की भीड़भाड़ के कारण दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब कड़ी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक गोदाम में रखा अधिकांश सामान पूरी तरह जल चुका था।
घटना के दौरान इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए सतर्क हो गए थे, क्योंकि आग के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ था। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों को बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सका।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण से यह हादसा हुआ हो सकता है, लेकिन वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और फायर विभाग भी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
इस घटना से व्यापारी को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। आग की सूचना मिलते ही दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित व्यापारी से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित व्यापारी को उचित सहायता और मुआवजा देने की मांग भी की है।
घटना ने एक बार फिर बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे घनी आबादी वाले व्यापारिक इलाकों में नियमित रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट होना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।




