
अल्मोड़ा : जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ का चुनाव अत्यंत शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न केवल संगठन की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत किया, बल्कि चिकित्सा समुदाय के बीच एकता, पारदर्शिता और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ किया। चुनाव प्रक्रिया में बड़ी संख्या में चिकित्सा अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि संगठन के प्रति सदस्यों में गहरी प्रतिबद्धता और विश्वास है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. मोहम्मद शाहिद की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने पूरे चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गीता पुनेठा एवं डॉ. कुबेर सिंह अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया के दौरान मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, प्रांतीय स्तर से प्रांतीय सचिव राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड डॉ. दीपक गंगवार की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ा दिया।
चुनाव की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत अहम रही। इस जिम्मेदारी को श्री नवीन चंद्र जोशी, जो कि मानसखंड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं, तथा श्री सतीश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी, ने बखूबी निभाया। दोनों अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया, जिससे सभी प्रतिभागियों में विश्वास और संतोष का वातावरण बना रहा।
चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पदाधिकारियों की घोषणा की गई, जिसमें अध्यक्ष पद पर डॉ. कपिल शर्मा को निर्वाचित किया गया। उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. दीपक कुमार, सचिव पद पर डॉ. अनुपमा त्यागी, उप सचिव के रूप में डॉ. शोभा सनवाल, आय-व्यय निरीक्षक के रूप में डॉ. सुधीर सोनी तथा मीडिया प्रभारी के रूप में डॉ. मंजू पाल को जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी पदों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का संकल्प लिया।
चुनाव के उपरांत आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी चिकित्सा अधिकारियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि नई कार्यकारिणी संगठन को और अधिक सुदृढ़, संगठित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य करेगी। साथ ही यह भी आशा जताई गई कि संगठन चिकित्सकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा और आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कार्यक्रम के दौरान यह भी चर्चा की गई कि वर्तमान समय में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का महत्व लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में संगठन की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। नई कार्यकारिणी से अपेक्षा की जा रही है कि वह न केवल चिकित्सकों के पेशेवर विकास पर ध्यान देगी, बल्कि जनमानस में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी प्रभावी पहल करेगी। इस प्रकार यह चुनाव न केवल एक औपचारिक प्रक्रिया रहा, बल्कि संगठन के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुआ।





