
देहरादून : मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट के दौरान पुष्कर सिंह धामी से लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने मुलाकात की। इस बैठक को राज्य के लिए सामरिक और विकासात्मक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। दोनों के बीच हुई इस बातचीत में समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील और सीमावर्ती राज्य के लिए भारतीय सेना का सहयोग केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने विशेष रूप से आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सेना के योगदान को सराहा और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सेना की तत्परता और दक्षता राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होती है।
बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों का विकास न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार और सेना के बीच मजबूत समन्वय से इन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
भारतीय सेना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी सेना और राज्य सरकार के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा, जिससे उत्तराखंड को विकास के नए आयाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और सेना के साथ मिलकर राज्य के हित में कार्य करती रहेगी।
इस शिष्टाचार भेंट को राज्य और सेना के बीच बेहतर तालमेल और साझेदारी की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में उत्तराखंड के विकास, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को और सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा।




