
देहरादून : उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। राज्य सरकार केंद्र सरकार की तैयार की गई मॉडल नियमावली को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए जल्द ही शासन स्तर पर एक समिति गठित किए जाने की तैयारी है, जो नियमावली का गहन अध्ययन करेगी।
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड वक्फ बोर्ड से भी इस संबंध में प्रस्ताव मांगा गया है, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक सुझाव शामिल किए जा सकें। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू करने में उत्तराखंड पहले भी सक्रिय रहा है। इसी क्रम में राज्य पहले ही वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2005 लागू कर चुका है।
मॉडल नियमावली के लागू होने पर जिलाधिकारियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। वक्फ संपत्तियों के सर्वे, सत्यापन और उनसे जुड़े विवादों के निपटारे में यह नियमावली मार्गदर्शक के रूप में काम करेगी। इससे इन संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
फिलहाल राज्य सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि नियमावली को ज्यों का त्यों लागू किया जाए या उसमें कुछ संशोधन किए जाएं। हालांकि संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र की मॉडल नियमावली को ही आधार बनाकर आगे बढ़ा जा सकता है। यदि वक्फ बोर्ड की ओर से कोई सुझाव या संशोधन प्रस्तावित किए जाते हैं, तो उन पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत के अनुसार, शासन ने बोर्ड से प्रस्ताव मांगा है और साथ ही केंद्र की नियमावली के अध्ययन के लिए समिति गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही राज्य स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।






