
देहरादून: प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यपूर्व में जारी युद्ध का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा और महंगाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर भारत सहित उत्तराखंड जैसे राज्यों पर भी पड़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के इस दौर में हर व्यक्ति, परिवार और संस्थान को अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने मितव्ययिता को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि अनावश्यक खर्चों में कटौती कर संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग ही हमें इस चुनौतीपूर्ण समय से उबार सकता है।
सतपाल महाराज ने अपने अधीनस्थ सभी विभागों—पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, धर्मस्व और ग्रामीण निर्माण—के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में खर्चों की समीक्षा करें और जहां कहीं भी फिजूलखर्ची हो रही हो, उसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए। उन्होंने कहा कि केवल आवश्यक और जनहित से जुड़े कार्यों पर ही खर्च को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सीमित संसाधनों का अधिकतम लाभ जनता तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही योजनाओं की समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे अनावश्यक विलंब के कारण होने वाले अतिरिक्त व्यय से बचा जा सके। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना है, लेकिन यह कार्य वित्तीय अनुशासन के साथ ही किया जाना चाहिए।
मंत्री ने आम जनता से भी अपील की कि वे इस समय संयम और समझदारी से अपने खर्चों का प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे स्तर पर की गई बचत भी बड़े स्तर पर आर्थिक स्थिरता में योगदान देती है। यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मितव्ययिता अपनाए, तो इसका सकारात्मक प्रभाव राज्य और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है और जरूरत पड़ने पर नीतिगत स्तर पर भी निर्णय लिए जाएंगे, ताकि आर्थिक चुनौतियों का प्रभाव कम किया जा सके। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कठिन समय में भी विकास की गति को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि यह समय सजग और जिम्मेदार रहने का है। सादगी, संतुलन और दूरदर्शिता के साथ किए गए निर्णय ही हमें इस वैश्विक संकट के प्रभावों से सुरक्षित रख सकते हैं और एक मजबूत अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक होंगे।




