
देहरादून : मां डाट काली मंदिर में 14 अप्रैल को नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दर्शन-पूजन कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है। इसी के चलते मंदिर प्रशासन ने रविवार शाम पांच बजे से ही आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है, जो 14 अप्रैल को दोपहर दो बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान मंदिर परिसर में केवल अधिकृत अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और कार्यक्रम से जुड़े सीमित लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
मंदिर समिति के अनुसार यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर लिया गया है, ताकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो। मंदिर के इतिहास में यह पहली बार है जब लगातार दो दिनों तक भक्तों के लिए दर्शन पूरी तरह बंद किए गए हैं। सामान्य दिनों में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस विशेष अवसर पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर हर छोटे-बड़े पहलू पर काम कर रहे हैं। परिसर की सफाई, सजावट, बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास मार्गों की व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
मंदिर समिति से जुड़े सेवादारों का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह जरूरी कदम उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री के दर्शन-पूजन कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद दोपहर दो बजे से मंदिर को फिर से आम भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर सकें।
इस बीच, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले योगी आदित्यनाथ भी मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वह एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण करते हुए मंदिर पहुंचेंगे और वहां पूजा-अर्चना कर सुरक्षा तथा अन्य तैयारियों की समीक्षा करेंगे। उनका यह दौरा भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे अंतिम तैयारियों को परखने और सुधारने का अवसर मिलेगा।
पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर गर्व और उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी ओर दो दिन तक दर्शन बंद रहने से कुछ श्रद्धालु निराश भी हैं। हालांकि, अधिकांश लोग इसे सुरक्षा के मद्देनजर जरूरी कदम मानते हुए प्रशासन के निर्णय का समर्थन कर रहे हैं।





