
ग्रेटर नोएडा: फेज़-2 इलाके में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर मज़दूरों का प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जो इस बार काफी उग्र हो गया। बड़ी संख्या में एकत्र हुए कर्मचारियों ने आक्रोश में आकर पुलिस और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस वाहन को पलट दिया गया और जमकर पत्थरबाज़ी हुई, जिससे पहले से तनावपूर्ण माहौल और बिगड़ गया। स्थिति को संभालना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों का रुख लगातार आक्रामक होता जा रहा है।
हिंसा को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को और नुकसान से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और कुछ कंपनियों की संपत्तियों को भी क्षति पहुंची। जानकारी के अनुसार, एक वाहन को आग के हवाले भी कर दिया गया।
यह घटना उस अपील के अगले ही दिन हुई है, जिसमें गौतम बुद्ध नगर की ज़िलाधिकारी मेधा रूपम ने मज़दूरों से शांति बनाए रखने और अपने काम पर लौटने का अनुरोध किया था। उन्होंने लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने को कहा और भरोसा दिलाया कि प्रशासन मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि औद्योगिक इकाइयों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद श्रमिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, ताकि सभी फैक्ट्रियों में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जा सके।
मज़दूरों के हित में प्रशासन ने कई सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत ओवरटाइम का भुगतान सामान्य दर से दोगुना करने, सभी कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देने और रविवार को काम करने पर दोगुनी मजदूरी देने की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। साथ ही 30 नवंबर तक बोनस का भुगतान सीधे बैंक खातों में करने का निर्देश दिया गया है। कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए महिला अध्यक्षता में आंतरिक शिकायत समितियों का गठन, हर फैक्ट्री में शिकायत पेटियां लगाने और हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देने के नियम भी लागू किए गए हैं। इसके अलावा, सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इन सभी नियमों के पालन की कड़ी निगरानी की जाएगी।
मज़दूरों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ज़िला प्रशासन ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम भी शुरू किया है। श्रमिक अपनी समस्याएं दर्ज कराने या मदद लेने के लिए दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से समस्याओं का तेजी से समाधान होगा और मज़दूरों तथा प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकेगा।







