
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शनिवार को आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह विस्फोटक पहले से नक्सलियों द्वारा लगाए गए थे। घटना छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में हुई, जो नारायणपुर जिले की सीमा से सटा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक डीआरजी की एक टीम इलाके में डिमाइनिंग ऑपरेशन चला रही थी। इस अभियान का उद्देश्य नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को तलाशकर निष्क्रिय करना था। इसी दौरान जवानों का संपर्क एक छिपे हुए विस्फोटक से हो गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और तीन जवान घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में शिफ्ट करने की तैयारी की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायल जवानों की हालत फिलहाल स्थिर है।
यह घटना इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 31 मार्च को राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त घोषित किया था। इसके बाद नक्सली गतिविधियों से जुड़ा यह पहला विस्फोट सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि अन्य संभावित आईईडी को खोजकर निष्क्रिय किया जा सके। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।






