
देहरादून : मुख्यमंत्री ने कहा है कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से किया गया आह्वान केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर, मजबूत और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक व्यापक जनभागीदारी का अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव अपनाए तो उसका सकारात्मक प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता के संकल्प पर दिखाई देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों का संतुलित उपयोग केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक यदि अनावश्यक विदेश यात्राओं को टालें, स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दें तो इससे देश की आर्थिक मजबूती में बड़ा योगदान मिल सकता है। उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” केवल एक नारा नहीं बल्कि देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे जहां एक ओर ईंधन की बचत होगी वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बिजली की अनावश्यक खपत को रोकना, घरेलू स्तर पर ऊर्जा बचत के उपाय अपनाना और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि नागरिक एक वर्ष तक स्वर्ण आभूषणों की खरीद से बचें और उस धन को देशहित में बचत या निवेश के रूप में उपयोग करें तो इसका सीधा लाभ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी में रासायनिक उर्वरकों की बजाय प्राकृतिक और जैविक खाद के प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत कम करेगी बल्कि भूमि की उर्वरता और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने खाद्य तेल के संयमित उपयोग की अपील करते हुए कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आयात पर निर्भरता कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपने स्तर पर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाए तो उसका सामूहिक प्रभाव देश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बना सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के लोग हमेशा राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते आए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री के आह्वान को जन आंदोलन का रूप देगी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है और देशवासियों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान आने वाले समय में और अधिक प्रभावी बनेगा।





