
देहरादून: नीट यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद उत्तराखंड समेत पूरे देश में युवाओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस फैसले को युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में पूरी तरह असफल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर बार जांच और कार्रवाई के बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता। उनके अनुसार, पेपर लीक की घटनाओं ने सरकार की नीति और नीयत दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार को औपचारिक घोषणाओं से आगे बढ़कर आत्ममंथन करना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि क्या देश के युवाओं के साथ वास्तव में न्याय हो रहा है।
यशपाल आर्य ने कहा कि परीक्षा रद्द होने का सबसे बड़ा असर उन लाखों छात्रों पर पड़ेगा, जिन्होंने महीनों मेहनत कर परीक्षा दी थी। अब करीब 23 लाख अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा के लिए तैयार होना पड़ेगा। इसके साथ ही देश के 552 शहरों में बने परीक्षा केंद्रों तक फिर से यात्रा करनी होगी, जिससे छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा कराने से लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की अतिरिक्त खपत होगी और करोड़ों रुपये खर्च होंगे।





