
सैदपुर/ बदायूं: इक़बाल कुरैशी साहब के होनहार बेटों अब्दुल क़ादिर और अब्दुल वाहिद ने अपनी लगातार शानदार कामयाबियों से न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। दोनों भाइयों की उपलब्धियां आज युवाओं के लिए मिसाल बन गई हैं और हर तरफ उनकी मेहनत और लगन की सराहना की जा रही है।
सबसे पहले दोनों भाइयों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एंट्रेंस एग्जाम में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शानदार रैंक हासिल की। अब्दुल क़ादिर ने पूरे एग्जाम में प्रथम स्थान प्राप्त कर सबको गौरवान्वित किया, जबकि अब्दुल वाहिद ने सातवीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद दोनों भाइयों का चयन नवोदय विद्यालय में भी हुआ, जिसने उनकी शैक्षिक योग्यता को और मजबूत पहचान दिलाई।
कामयाबी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के 11वीं प्रवेश परीक्षा परिणाम में भी दोनों भाइयों ने शानदार सफलता हासिल कर एक नई मिसाल कायम कर दी। अब्दुल वाहिद ने आठवीं रैंक और अब्दुल क़ादिर ने अठारहवीं रैंक प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। लगातार अलग-अलग प्रतिष्ठित संस्थानों की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन यह साबित करता है कि मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादों के सामने कोई लक्ष्य बड़ा नहीं होता।
परिवार के लोगों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि दोनों बच्चों की सफलता के पीछे उनकी अथक मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और वालिदैन की दुआएं शामिल हैं। बेहद सादगी और मेहनत से पढ़ाई करने वाले इन बच्चों ने यह दिखा दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बुलंद हौसलों से बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है।
इलाके के लोगों ने दोनों भाइयों को मुबारकबाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि अब्दुल क़ादिर और अब्दुल वाहिद जैसे होनहार बच्चे समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। उनकी सफलता से अन्य विद्यार्थियों को भी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
अल्लाह तआला दोनों बच्चों को इल्म, अमल और जिंदगी के हर मैदान में और ज्यादा तरक्की अता फरमाए तथा उन्हें आगे चलकर कौम और मुल्क का नाम रोशन करने वाला बनाए। आमीन।
“मेहनत करने वालों के लिए कामयाबी के दरवाज़े हमेशा खुले रहते हैं।”
रिपोर्ट: ज़ीशान सिद्दिक़ी







