
सैदपुर / बदायूं : 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर बदायूं स्थित डीपीएस स्कूल में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के अनेक वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, समाजसेवी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, उसकी सामाजिक भूमिका तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों के योगदान को सम्मानित करना था। इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुझे भी सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय रहा। मंच से वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता की परंपरा, उसकी चुनौतियों और बदलते दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने, जनहित के मुद्दों को उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हिंदी पत्रकारिता ने देश की स्वतंत्रता, सामाजिक जागरूकता और जनसरोकारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भी हिंदी पत्रकारिता आम जनमानस की आवाज बनकर समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र मोहन सक्सेना, अरशद रसूल, सचिन भारद्वाज, शाहिद नूरी, इकरार खान तथा सौरभ शंखधार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में ईमानदारी, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के अनुभव साझा किए गए तथा युवा पीढ़ी को पत्रकारिता के मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने सम्मानित होने वाले सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। उपस्थित लोगों ने हिंदी पत्रकारिता के विकास और उसके मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
समारोह के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल पत्रकारों के सम्मान का माध्यम बना, बल्कि पत्रकारिता के प्रति समाज में जागरूकता और सम्मान की भावना को भी और अधिक मजबूत करने वाला साबित हुआ। मुझे प्राप्त हुआ यह सम्मान मेरे लिए नई ऊर्जा, उत्साह और जिम्मेदारी का प्रतीक है, जो भविष्य में भी निष्पक्ष, जनहितकारी और सकारात्मक पत्रकारिता के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।






