
अयोध्या : राम मंदिर दानपात्र से धन गबन के आरोप में रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में शनिवार को बड़ी कार्रवाई की गई। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की गई, जहां से 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए जाने की बात सामने आई है। लवकुश राम मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा है और उस पर दानपात्र में चढ़ाए गए धन के गबन का आरोप है।
छापेमारी के बाद लवकुश के पिता बच्चूलाल ने बताया कि ट्रस्ट के तीन-चार लोग उनके घर पहुंचे और ताला तोड़कर नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि वे गाजियाबाद में रह रहे थे। बच्चूलाल ने यह भी कहा कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, मकान निर्माण के लिए उन्होंने अपनी 10 से 12 बीघा जमीन गिरवी रखी है और काफी पहले जमीन खरीदकर निर्माण कार्य शुरू कराया था।
बच्चूलाल ने बताया कि उनका बेटा पिछले पांच-छह महीनों से राम मंदिर में काम कर रहा था और उसे वहां नौकरी रवि मिश्रा ने दिलवाई थी, जो उनके समधी हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर से जो पैसा लवकुश लेकर आया था, उसे कार्रवाई के दौरान आए लोग अपने साथ ले गए और अब उनका उससे कोई संबंध नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, 27 वर्षीय लवकुश मिश्रा पहले कार मिस्त्री का काम करता था। करीब एक वर्ष पहले उसे मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी। गांव वालों का कहना है कि नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली और वह गांव आने पर खुलकर पैसे खर्च करता था। कुछ लोगों ने दावा किया कि उसने एक बार शराब के ठेके पर करीब 50 हजार रुपये खर्च किए थे।
गांव में यह चर्चा भी है कि लवकुश ने बड़ी रकम एक घूर में छिपाकर रखी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिस ने वहां से रुपये से भरी एक बोरी भी बरामद की है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लवकुश के बाबा जगदम्बा मिश्रा अक्सर लोगों से कहते थे कि उनका नाती मंदिर में अच्छी कमाई कर रहा है और दर्शन कराने में भी मदद कर सकता है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस बरामद धन तथा गबन के आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।





