
हरिद्वार : सोमवती अमावस्या, संक्रांति और पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन हरिद्वार में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोमवार सुबह से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान करने के लिए हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर उमड़ पड़े। गंगा मैया के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन पवित्र गंगा में डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल मिलता है। यही वजह रही कि दूर-दराज के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे।
हर की पैड़ी के अलावा नाई सोता घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, कुशा घाट, बिरला घाट, अलकनंदा घाट, ओम पुल घाट, डाम कोठी घाट तथा कनखल और उत्तरी हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। श्रद्धालु गंगा स्नान के साथ दान-पुण्य, हवन-यज्ञ और पितरों की शांति के लिए पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी करते नजर आए।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। हर की पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह सुबह से ही व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
वृंदावन से आए भागवताचार्य एवं कथा वाचक राधारमण शास्त्री ने बताया कि इस बार सोमवती अमावस्या, संक्रांति और पुरुषोत्तम मास के समापन का दुर्लभ संयोग बना है। उन्होंने कहा कि इस त्रिवेणी योग में गंगा स्नान करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। उनके अनुसार पुरुषोत्तम मास को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मास माना जाता है और इसी कारण इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
सोमवती अमावस्या के साथ ही पुरुषोत्तम मास का समापन हो गया है और अब शुद्ध ज्येष्ठ मास का शुभारंभ होगा। इस पावन अवसर पर हरिद्वार में दिनभर श्रद्धालुओं का गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा।






