
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुहर्रम को मातम का पर्व बताते हुए स्पष्ट कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन का अवसर नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन, नई परंपराओं, कानफोड़ू डीजे तथा ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मंगलवार को कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माहौल बिगाड़ने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को मुहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से ही स्थानीय स्तर पर संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। 10 से 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन किसी भी नई परंपरा को स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन को परंपरागत ढंग से त्योहारों का आयोजन सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।






