
नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव एवं वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान से जुड़े कथित गबन के मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इस पूरे प्रकरण में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
31 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि क्या इतने बड़े स्तर की कथित वित्तीय अनियमितता केवल निचले स्तर के कर्मचारियों द्वारा संभव है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या बिना उच्च स्तर की मिलीभगत के सीसीटीवी कैमरे बंद किए जा सकते हैं और करोड़ों रुपये के चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरी पारदर्शिता के साथ सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। उनके अनुसार, आस्था से जुड़े इस विषय में किसी भी तरह की लीपापोती लोगों के विश्वास को और कमजोर करेगी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का केंद्र हैं। श्रद्धालु पूरी निष्ठा और भक्ति के साथ मंदिर में दान करते हैं, ऐसे में यदि दान की राशि के दुरुपयोग के आरोप सही साबित होते हैं तो यह धार्मिक आस्था के साथ विश्वासघात होगा।इसी दिन श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कथित गबन प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर में प्राप्त दान की राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी हुई है। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।




