
जम्मू-कश्मीर : बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देशभर से उमड़े श्रद्धालुओं का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने जम्मू स्थित यात्री निवास बेस कैंप से श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पूरा परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा तथा श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने यात्रा के सफल संचालन में जुटे सुरक्षा बलों, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं और सेवा कार्य में लगे सभी लोगों के योगदान की भी सराहना की।
दो मार्गों से होगी बाबा बर्फानी की यात्रा
अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास दो प्रमुख मार्ग उपलब्ध हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जो जम्मू, पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए पवित्र गुफा तक पहुंचता है। करीब 32 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अपेक्षाकृत आसान माना जाता है क्योंकि रास्ते में कई पड़ाव और सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इस मार्ग का बेस कैंप अनंतनाग जिले के नुनवान में स्थित है।
दूसरा बालटाल मार्ग है, जो जम्मू, बालटाल, डोमेल और बरारी होते हुए सीधे अमरनाथ गुफा तक पहुंचता है। लगभग 14 किलोमीटर लंबा यह रास्ता दूरी में छोटा जरूर है, लेकिन खड़ी चढ़ाई के कारण अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसका बेस कैंप गांदरबल जिले के बालटाल में बनाया गया है।
यात्रियों के लिए व्यापक सुविधाएं
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर टेंट और ठहरने की व्यवस्था की गई है। नुनवान, बालटाल, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रमुख पड़ावों पर किराये के टेंट उपलब्ध रहेंगे।भोजन की व्यवस्था के लिए कई सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन दोनों मार्गों पर निशुल्क लंगर चलाएंगे, जहां यात्रियों को भोजन, पेयजल और हल्का नाश्ता मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य विभाग, सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की ओर से मेडिकल कैंप, बेस अस्पताल, ऑक्सीजन सुविधा, एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।श्रद्धालुओं के सामान की सुरक्षा के लिए विभिन्न कैंपों और पवित्र गुफा के निकट क्लॉक रूम बनाए गए हैं। बालटाल क्षेत्र में दोपहिया, हल्के और भारी वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
यात्रा मार्ग पर BSNL, Jio और Airtel की मोबाइल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। कई स्थानों पर प्रीपेड और पोस्टपेड सिम कार्ड भी खरीदे जा सकेंगे। वहीं, जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में कठिनाई होती है, उनके लिए निर्धारित स्थानों से टट्टू और पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।हालांकि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा संचालित नहीं होगी। प्रशासन ने पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों को 1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है।
ऐसे करें अमरनाथ यात्रा का पंजीकरण
श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार यात्रियों का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। आवेदन जमा होने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। ऑनलाइन पंजीकरण 3 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक निर्धारित तिथियों के लिए खुला रहेगा। पंजीकरण के लिए अधिकृत चिकित्सक या अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।
ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। जम्मू के निर्धारित केंद्रों से टोकन लेकर रजिस्ट्रेशन और RFID कार्ड प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा देशभर में SBI, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक की 500 से अधिक अधिकृत शाखाओं पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। श्रद्धालुओं के काफिलों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नवयुग टनल पर निर्धारित समय के दौरान सामान्य वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी।
कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहन सुबह 11:30 बजे से पहले नवयुग टनल पार नहीं कर सकेंगे, जबकि जम्मू से कश्मीर की ओर जाने वाले वाहनों को दोपहर 3 बजे के बाद टनल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा मीर बाजार, श्रीनगर और अनंतनाग सहित कई प्रमुख स्थानों पर भी वाहनों के लिए समयबद्ध यातायात व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने यात्रियों और आम नागरिकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित ढंग से संचालित हो सके।






