
मेरठ: कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते हुए एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी अविनाश पांडेय ने अधिकारियों को यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे कांवड़ मार्ग पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाए, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
अधिकारियों ने भारी और हल्के वाहनों के लिए पहले से रूट डायवर्जन योजना लागू करने और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, जिससे आम लोगों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के बाद एडीजी ने हापुड़ पहुंचकर वहां के कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया।
पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, एसपी देहात अभिजीत कुमार, विभिन्न सर्किलों के सीओ और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में असामाजिक और शरारती तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर लगाए जाने वाले शिविरों और ढाबों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने, निर्धारित मानकों के अनुरूप बड़ी कांवड़ और डीजे वाहनों के संचालन तथा आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया गया। एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव को इस बार ऐसा रूट डायवर्जन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पिछले वर्षों की तरह जाम की स्थिति पैदा न हो। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग को भी बिजली के खंभों पर सुरक्षात्मक पन्नी लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन के अनुसार डाक कांवड़ और डीजे वाहनों की अधिकतम ऊंचाई 10 से 12 फीट निर्धारित की गई है, जबकि ध्वनि की सीमा 75 डेसिबल तय की गई है। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




