
देहरादून: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को करीब तीन साल बाद स्थायी अध्यक्ष मिल गया है। राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि डॉ. हेमचंद्र पांडे को आयोग का सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में मंगलवार को शासन की ओर से नियुक्ति आदेश जारी किए गए।
आयोग में स्थायी अध्यक्ष का पद जून 2023 से खाली था। इस दौरान आयोग की जिम्मेदारी कार्यवाहक अध्यक्षों के भरोसे चल रही थी, जिससे कई अहम प्रशासनिक और भर्ती संबंधी निर्णय प्रभावित हो रहे थे। राज्य की विभिन्न सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया पर भी इसका असर देखने को मिला, क्योंकि आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पद लंबे समय से चिंता का विषय बने हुए थे।
नवनियुक्त अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी चंपावत जिले के लटोली गांव के निवासी हैं। भारतीय सेना में 38 वर्षों से अधिक की सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे स्ट्राइक-1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) और महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल के कमांडेंट रह चुके हैं। 30 अप्रैल 2026 को वे सेना से सेवानिवृत्त हुए।
अपने सैन्य करियर में उन्होंने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन, जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक और पूर्वोत्तर भारत में कई आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और सेना मेडल (एसएम) जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
गौरतलब है कि 11 जून 2023 को तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार के इस्तीफे के बाद आयोग में स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी थी। इस दौरान वरिष्ठ सदस्य डॉ. जगमोहन सिंह राणा, रविदत्त गोदियाल और बाद में अनिल कुमार राणा ने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में आयोग की जिम्मेदारियां संभालीं। अब स्थायी अध्यक्ष और नए सदस्य की नियुक्ति से आयोग के कामकाज में तेजी आने और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





