
देहरादून: उत्तराखंड में माध्यमिक सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और आंसर-की में त्रुटियों के आरोपों के बीच उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का आक्रोश फूट पड़ा।
डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर आयोग कार्यालय का घेराव किया और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। बढ़ते विरोध को देखते हुए आयोग ने फिलहाल दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया स्थगित कर दी।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का आरोप है कि 1,544 पदों के लिए जारी एलटी भर्ती की आंसर-की में कई गंभीर विसंगतियां हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी आपत्तियों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं होता, तब तक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।
इस दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने 3 जून 2026 के आदेश में 9 फरवरी 2025 की कटऑफ तिथि के आधार पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आयोग अब तक उन निर्देशों का पालन नहीं कर पाया है।
फिलहाल आयोग की ओर से दस्तावेज सत्यापन रोक दिए जाने के बाद एलटी भर्ती प्रक्रिया पर अस्थायी विराम लग गया है, जबकि अभ्यर्थी अपनी मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं।




