
ऋषिकेश : नीलकंठ महादेव के दर्शन कर लौट रहे बिहार और उत्तर प्रदेश के करीब 60 यात्रियों का जत्था शुक्रवार को उस समय सदमे में आ गया, जब वापसी के दौरान बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार दो स्थानीय युवकों की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। कुछ ही देर पहले तक दर्शन की खुशी में डूबे यात्री घटना के बाद सहम गए।
हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस दौड़ी। एंबुलेंस के सायरन और बारिश के बीच घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अस्पताल में जब मृतकों के शव पहुंचे तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक की बहन अपने भाई के शव को देखकर फफक पड़ी। वह बार-बार यही कहती रही कि आखिर उसके भाई की क्या गलती थी, जो उसे अचानक उनसे छीन लिया गया।
मृतकों के परिजनों का विलाप देखकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो उठे। हादसे में घायल बस यात्रियों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। हादसे में घायल यात्री राम दुलवन अपने परिवार के साथ अस्पताल में बैठे नजर आए। वह इस घटना से बेहद सदमे में थे। उन्होंने अपनी जान बचने को भगवान नीलकंठ महादेव की कृपा बताया। हादसे ने बस में सवार प्रत्येक यात्री को झकझोर कर रख दिया।
खराब मौसम और अंधेरे में थमी रहीं सांसें
हादसे के समय मौसम बेहद खराब था। तेज बारिश, बिजली की गड़गड़ाहट और वन क्षेत्र में छाए घने अंधेरे के कारण राहत एवं बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण रहा। बस में सवार यात्रियों के बीच काफी देर तक चीख-पुकार मची रही। घायल यात्री मदद के लिए जूझते रहे। इसी बीच पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों के मौके पर पहुंचने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को राहत मिली।
भद्रकाली-ब्रह्मानंद मोड़ मार्ग हादसों के लिहाज से संवेदनशील
भद्रकाली से ब्रह्मानंद मोड़ तक का मार्ग लंबे समय से दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इस क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान कई सड़क हादसे हो चुके हैं। करीब तीन महीने पहले खारास्रोत पार्किंग से लगभग 100 मीटर की दूरी पर तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे एक मकान की छत पर जा गिरा था। उस हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी।
इससे पहले भी क्षेत्र में बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यात्री वाहनों के पलटने तथा दुर्घटनाग्रस्त होने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन हादसों में कई लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे रोकने के लिए ठोस कदम जरूरी
लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस, प्रशासन, परिवहन विभाग और एनएच समेत संबंधित विभागों को इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। संवेदनशील स्थानों पर संकेतक, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, गति नियंत्रण और नियमित वाहन जांच जैसे उपाय दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकते हैं।
वहीं, पूर्व में हुए डंपर हादसे में वाहन के वैध दस्तावेज नहीं होने की बात सामने आने के बाद क्षेत्र में अवैध अथवा नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे वाहनों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में संबंधित विभागों की ओर से वाहनों की नियमित जांच और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना जरूरी हो गया है।




