
देहरादून : उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने अपने राजनीतिक एजेंडे और चुनावी रणनीति के संकेत साफ तौर पर देने शुरू कर दिए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे के दौरान दिए गए संबोधन को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। उनके भाषण में जिस तरह कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा गया, उससे संकेत मिले हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा इस दिशा में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह राज्य में उनका दूसरा प्रवास है। हल्द्वानी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जिस अंदाज में कांग्रेस पर हमला बोला, उससे भाजपा की चुनावी लाइन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर वंदेमातरम को लेकर चल रहे विवाद के संदर्भ में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ‘राहुल मियां’ कहकर संबोधित किया। राजनीतिक जानकार उनके इस संबोधन को महज शब्दों का चयन नहीं, बल्कि पार्टी की वैचारिक और चुनावी रणनीति के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कांग्रेस के शुद्धीकरण से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिस पवित्र भूमि से धर्म विशेष के नारे लगाए गए, वहां की पवित्रता और गरिमा को अपमानित करने का काम किया गया है। इस बयान के जरिए उन्होंने धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे को सीधे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रखा। उनके संबोधन में बार-बार राष्ट्रवाद, धर्म और सांस्कृतिक आस्था से जुड़े विषयों का उल्लेख दिखाई दिया, जिससे यह संदेश गया कि भाजपा आने वाले चुनाव में भी अपने पारंपरिक हिंदुत्व के एजेंडे से पीछे हटने के मूड में नहीं है।
नितिन नवीन के भाषण का एक और महत्वपूर्ण पहलू मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से उन्हें भेंट की गई नीम करौरी बाबा की तस्वीर का उल्लेख रहा। कार्यक्रम में पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नीम करौरी बाबा की तस्वीर भेंट की थी। नितिन नवीन ने अपने संबोधन के दौरान इसका विशेष तौर पर जिक्र किया और बाबा के जीवन एवं उनकी आध्यात्मिक विरासत के प्रति अपनी रुचि जाहिर की। उन्होंने नीम करौरी बाबा के जीवन पर आधारित ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखने की इच्छा भी व्यक्त की।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे को संगठनात्मक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी लगातार अपने संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक संदेश को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के भाषण में उठाए गए मुद्दे पार्टी की प्राथमिकताओं का संकेत देते हैं। हल्द्वानी से दिए गए संदेश में जहां कांग्रेस पर वैचारिक और राजनीतिक हमला दिखाई दिया, वहीं हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को प्रमुखता देकर भाजपा ने अपने आधार वोट को साधने की दिशा भी स्पष्ट करने की कोशिश की।
राजनीतिक रूप से उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला लगातार सीधा रहा है। ऐसे में चुनावी वर्ष की ओर बढ़ते हुए दोनों दल अपने-अपने मुद्दों को धार देने में जुटेंगे। भाजपा के लिए हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पहले से ही उसकी राजनीतिक पहचान के महत्वपूर्ण आधार रहे हैं। नितिन नवीन के ताजा संबोधन से यह संकेत मिलता है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों को नए राजनीतिक संदर्भों के साथ जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है।
हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल कार्यकर्ताओं को संबोधित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें विपक्ष पर सीधा राजनीतिक प्रहार और पार्टी के वैचारिक मुद्दों की स्पष्ट प्रस्तुति दिखाई दी। ‘राहुल मियां’ संबोधन से लेकर धर्म विशेष के नारों और पवित्र भूमि के कथित अपमान का मुद्दा उठाने तक नितिन नवीन ने जिस तरह अपनी बात रखी, उससे भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति की दिशा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा इन मुद्दों को किस तरह संगठन के स्तर से बूथ और विधानसभा स्तर तक ले जाती है और चुनावी अभियान में इन्हें किस रूप में प्रस्तुत करती है। फिलहाल नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने वैचारिक मुद्दों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और हिंदुत्व तथा राष्ट्रवाद उसके चुनावी विमर्श के प्रमुख आधार बने रह सकते हैं।





