
सहारनपुर : कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण प्रकरण में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल रिट याचिका हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर-नौ में 35वें नंबर पर सूचीबद्ध है। सुनवाई को लेकर जहां सहारनपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हलचल बढ़ गई है, वहीं शुक्रवार की जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ के संवेदनशील एवं अति संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पांच सितंबर को सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद से ही पुलिस-प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। शुक्रवार की नमाज को देखते हुए जिले में 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है।
बृहस्पतिवार को डीआईजी अभिषेक सिंह ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ के अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ ऑनलाइन गोष्ठी कर कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण करने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश दिए। नमाज के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही असामाजिक और अराजक तत्वों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। भ्रामक, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने पर तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सहारनपुर में हुई कार्रवाई और मुजफ्फरनगर में विवादित पोस्टर लगाए जाने की घटनाओं को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। जुमे की नमाज के दौरान जिले को नौ जोन, चार सुपर जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया है। इसके अलावा 17 क्यूआरटी भी तैनात की गई हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सभी अधिकारी सुबह से ही अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए धर्मगुरुओं से संवाद कर सहयोग की अपील भी की गई है।
थाना प्रभारियों को कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी जरूरी निर्देश थानों में तैनात पुलिसकर्मियों तक पहुंचाने को कहा गया है। खासतौर पर नए पुलिसकर्मियों और रात में पिकेट ड्यूटी करने वाले जवानों को संवेदनशील परिस्थितियों और उनके संभावित प्रभावों के बारे में स्पष्ट रूप से ब्रीफ करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, मेरठ में भी जुमे की नमाज को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार, सहारनपुर की घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और पूर्व में विवाद की स्थिति वाले स्थानों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।







