
अमरोहा : हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के झूलपुरी स्थित खानपुर (उत्तराखंड) के विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर हरियाणा की एक युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना में स्थानीय पुलिस के एक दरोगा और अमरोहा पुलिस लाइन में तैनात सिपाही के अलावा सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर और एक हेड कांस्टेबल के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अमरोहा के एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रहने वाली है और वहां एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी एक महिला मित्र के जरिए उसकी पहचान सीआरपीएफ में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित से हुई थी। मोहित मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव सौरम का रहने वाला है।
पीड़िता के अनुसार, सोमवार 21 सितंबर को वह सोनीपत में मोहित से मिली थी। मोहित ने उसे घूमने जाने की बात कही, जिसके बाद युवती उसकी कार में बैठ गई। आरोप है कि मोहित उसे सोनीपत से मेरठ ले गया। वहां उसने अपने परिचित सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव को भी कार में बैठा लिया। लालाराम यादव राजस्थान के अलवर जिले के हातनखेड़ा गांव का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस के अनुसार सोमवार रात तीनों मेरठ में एक स्थान पर रुके। इसके बाद मंगलवार शाम वे कार से हसनपुर कोतवाली क्षेत्र पहुंचे। यहां सादे कपड़ों में मौजूद बागपत जिले के थाना रमाला क्षेत्र के गांव सूप निवासी दरोगा संजय तोमर भी उनकी कार में सवार हो गया।
इसके बाद सभी लोग हसनपुर क्षेत्र के झूलपुरी स्थित फार्म हाउस पहुंचे। पुलिस के मुताबिक कुछ देर बाद मुजफ्फरनगर के फुगाना थाना क्षेत्र के खेड़ामस्तान गांव निवासी सिपाही प्रमोद कुमार भी वहां खाना और शराब लेकर पहुंचा। आरोप है कि रात में खाना-पीना होने के बाद मोहित, लालाराम और संजय तोमर जबरन युवती के कमरे में घुस गए और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद जब सिपाही प्रमोद कुमार कमरे में दाखिल हुआ तो युवती ने हिम्मत दिखाते हुए उसे धक्का देकर बाहर कर दिया और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मंगलवार रात फार्म हाउस पर छापा मारा और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस युवती को भी अपने साथ हसनपुर कोतवाली लेकर आई। बुधवार को पूछताछ और पीड़िता की तहरीर के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया। युवती को फिलहाल अमरोहा स्थित वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार को भी कब्जे में लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोहित सीआरपीएफ की पांचवीं बटालियन दिल्ली में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है, जबकि लालाराम यादव सीआरपीएफ की 156वीं बटालियन में असम के न्यू बोगाई गांव में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। मामले में शामिल चारों आरोपी अलग-अलग जिलों से बताए गए हैं। इनमें दो मुजफ्फरनगर, एक बागपत और एक राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है।
मुरादाबाद रेंज के डीआईजी मुनिराज जी के अनुसार पीड़िता की तहरीर पर हसनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हसनपुर थाने में तैनात रहे दरोगा और सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मोहित पीड़िता को धार्मिक स्थल मनोना धाम घुमाने का झांसा देकर सोनीपत से अपने साथ लाया था। पीड़िता को बताया गया था कि उसे घूमने के लिए ले जाया जाएगा, लेकिन आरोप है कि उसे मनोना धाम ले जाने के बजाय मेरठ होते हुए अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में लाया गया और फार्म हाउस में ठहराया गया।
वहीं, फार्म हाउस के मालिक और खानपुर (उत्तराखंड) के विधायक उमेश शर्मा ने बताया कि मंगलवार रात सीआरपीएफ का एक अधिकारी, स्थानीय थाने का एक एसआई, एक महिला और एक सीआरपीएफ जवान फार्म हाउस पहुंचे थे। उनके अनुसार दरोगा ने उन्हें बताया था कि सीआरपीएफ अधिकारी गृह मंत्रालय से आए हैं और किसी बड़ी जांच के सिलसिले में कुछ घंटे फार्म हाउस में रुकेंगे। महिला को अधिकारी और उसके साथ मौजूद सीआरपीएफ जवान को महिला अधिकारी का पीएसओ बताया गया था। कुछ घंटे बाद स्थानीय पुलिस फार्म हाउस पहुंची और सभी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
पुलिस अब मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पीड़िता के बयान, मौके से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





