
देहरादून: माननीय प्रबंध निदेशक महोदय द्वारा मध्य रात्रि में ‘प्रांतीय भार निस्तारण केंद्र’ का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में विद्युत आपूर्ति एवं ग्रिड संचालन की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान 400 केवी काशीपुर-नहटौर लाइन पर ट्रिपिंग की समस्या सामने आई। प्रबंध निदेशक महोदय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों से ट्रिपिंग के कारणों, वर्तमान स्थिति तथा विद्युत आपूर्ति पर इसके प्रभाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रिड की स्थिरता एवं विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान विद्युत मांग के पूर्वानुमान एवं वास्तविक विद्युत मांग के बीच अंतर का भी संज्ञान लिया गया। विशेष रूप से मार्काडोस कंपनी द्वारा अपनाई जा रही पूर्वानुमान प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कंपनी के पूर्वानुमान और वास्तविक स्थिति में काफी अंतर है। इस पर प्रबंध निदेशक महोदय ने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त किया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विद्युत मांग का सटीक पूर्वानुमान ग्रिड के सुचारु एवं सुरक्षित संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्वानुमान में अधिक अंतर रहने से विद्युत व्यवस्था के संचालन, भार प्रबंधन तथा ग्रिड की स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने मार्काडोस कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि पूर्वानुमान तैयार करने की प्रक्रिया की तत्काल समीक्षा करते हुए उसमें आवश्यक सुधार किया जाए और वास्तविक मांग के अनुरूप अधिक सटीक पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जाए।
प्रबंध निदेशक महोदय ने कंपनी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अपेक्षित गुणवत्ता में कमी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि कंपनी द्वारा पूर्वानुमान प्रक्रिया में शीघ्र सुधार किया जाए तथा भविष्य में वास्तविक स्थिति और पूर्वानुमान के बीच अंतर को न्यूनतम रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मार्काडोस कंपनी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। नोटिस के माध्यम से कंपनी से यह स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि उसके अनुबंध को निरस्त करते हुए ब्लैक लिस्टिंग की कार्यवाही क्यों न प्रारंभ की जाए। प्रबंध निदेशक महोदय ने स्पष्ट किया कि विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी, तकनीकी दक्षता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करने वाली एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रांतीय भार निस्तारण केंद्र में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की भी जानकारी ली और रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत ग्रिड का संचालन चौबीसों घंटे अत्यंत सावधानी और जिम्मेदारी के साथ किया जाना आवश्यक है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित निर्णय लेते हुए विद्युत आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी संबंधित इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए।
प्रबंध निदेशक महोदय ने यह भी निर्देशित किया कि तकनीकी खामियों, लाइन ट्रिपिंग तथा भार पूर्वानुमान से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और समस्या के मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान हो तथा किसी भी गंभीर स्थिति की जानकारी उच्च स्तर पर बिना विलंब उपलब्ध कराई जाए।
मध्य रात्रि में किए गए इस औचक निरीक्षण से यह संदेश भी स्पष्ट हुआ कि विद्युत व्यवस्था के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंध निदेशक महोदय ने अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु, सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाए रखा जा सके।




