
हल्द्वानी : प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने रविवार को नैनीताल जिले में काठगोदाम से करीब 10 किलोमीटर दूर गोला नदी पर निर्माणाधीन बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी ली और तय समय-सीमा के अनुसार परियोजना को पूरा करने के लिए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों से कहा कि जमरानी बांध उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना है। इसके निर्माण से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, विद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होने देने तथा परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
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मंत्री ने बताया कि गोला नदी, जो रामगंगा नदी की सहायक नदी है, पर बनाई जा रही जमरानी बांध परियोजना करीब 3,808 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। परियोजना के पूरा होने के बाद नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों को भी इसका व्यापक लाभ मिलेगा। परियोजना से इन क्षेत्रों की लगभग 57,066 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे किसानों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
सतपाल महाराज ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए पेयजल की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। परियोजना के माध्यम से हल्द्वानी और आसपास रहने वाली 10 लाख से अधिक आबादी को प्रतिवर्ष करीब 42.70 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे भविष्य में बढ़ती आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी और क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना से सालाना करीब 63.4 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन भी किया जाएगा। इससे क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलेगा। साथ ही परियोजना के जलाशय और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के साथ मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा सकेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में सहायता करना भी है। बांध बनने के बाद नदी के प्रवाह को नियंत्रित और नियमित करने में मदद मिलेगी, जिससे भारी बारिश के दौरान निचले क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को कम करने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के सभी तकनीकी और निर्माण संबंधी कार्यों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सतपाल महाराज ने निर्माण स्थल पर चल रहे विभिन्न कार्यों का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति तथा आगे की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और निर्माण कार्य में आने वाली समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करने को कहा।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजना से कई जिलों के लोगों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। इसलिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूरा किया जाना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने और जहां भी निर्माण कार्य की गति धीमी है, वहां आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
जमरानी बांध परियोजना के पूरा होने से उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के साथ उत्तर प्रदेश के आसपास के जिलों को भी सिंचाई और पेयजल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना के माध्यम से कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने से किसानों को लाभ होगा, जबकि हल्द्वानी सहित आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति मजबूत होगी। इसके अलावा बिजली उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, मत्स्य पालन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को परियोजना के निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।







