
देहरादून : अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम प्रधान संगठन ने सचिवालय कूच किया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान अपनी मांगों के समर्थन में देहरादून पहुंचे और संगठन के बैनर तले सचिवालय की ओर बढ़ने लगे। ग्राम प्रधानों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर शासन स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
सचिवालय कूच के दौरान ग्राम प्रधानों का जत्था आगे बढ़ रहा था। इसी बीच पुलिस ने पुलिस मुख्यालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर ग्राम प्रधानों को रोक दिया। पुलिस की ओर से उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया। बैरिकेडिंग के सामने ग्राम प्रधानों और पुलिस के बीच काफी देर तक बहस होती रही। आगे बढ़ने की कोशिश को लेकर मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
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धक्का-मुक्की के चलते कुछ समय के लिए मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग के जरिए ग्राम प्रधानों को रोकने का प्रयास किया, जबकि ग्राम प्रधान अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने पर अड़े रहे। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस बल ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और उन्हें पुलिस मुख्यालय से आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
ग्राम प्रधान संगठन की ओर से कहा गया कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सचिवालय कूच कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों के समाधान के लिए संगठन लगातार शासन और प्रशासन के सामने अपनी बात रखता रहा है, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर ग्राम प्रधानों को आंदोलन करना पड़ा।
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सचिवालय कूच के दौरान बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों के पहुंचने से पुलिस प्रशासन भी सतर्क नजर आया। पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग कर मार्ग को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस मुख्यालय के पास रोके जाने के बाद ग्राम प्रधानों ने वहीं अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक ग्राम प्रधानों और पुलिस के बीच गतिरोध की स्थिति बनी रही। पुलिस का प्रयास था कि प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग से आगे न जाने दिया जाए, जबकि ग्राम प्रधान संगठन सचिवालय तक पहुंचकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना चाहता था। इसी दौरान हुई धक्का-मुक्की से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ग्राम प्रधानों ने कहा कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को जल्द से जल्द उनके मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। संगठन ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। फिलहाल पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण ग्राम प्रधानों को पुलिस मुख्यालय से आगे जाने की अनुमति नहीं मिली।





