
देहरादून : जिज्ञासा विश्वविद्यालय, देहरादून में केंट स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम एवं विशिष्ट अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय सहभागिता तथा विद्यार्थियों के लिए नए अकादमिक अवसरों की संभावनाओं को मजबूत करना रहा।
इस अवसर पर केंट स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका के कॉलेज ऑफ साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज की डीन डॉ. मैंडी मुनरो स्टासियुक ने “साइंस, लिबरल आर्ट्स एंड जीआईएस: एन इंटरडिसिप्लिनरी एप्रोच टू अंडरस्टैंडिंग अवर वर्ल्ड” विषय पर विशिष्ट अतिथि व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान, लिबरल आर्ट्स तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) के बीच विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों के समन्वय से जटिल वैश्विक एवं सामाजिक चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
डॉ. मैंडी मुनरो स्टासियुक ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा में अंतर्विषयक दृष्टिकोण के महत्व से अवगत कराया तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ मानविकी और सामाजिक विज्ञान के समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। मौके पर जिज्ञासा विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. डॉ. संदीप कौटिश ने केंट स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ इस प्रकार का शैक्षणिक संवाद विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने केंट स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ भविष्य में और अधिक शैक्षणिक सहयोग एवं सहभागिता की संभावनाओं पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। केंट स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल में ज्योत्सना मिश्रा, निदेशक, केंट स्टेट यूनिवर्सिटी इंडिया, एंड्रयू पेपर, असिस्टेंट डायरेक्टर, इंटरनेशनल प्रोग्राम्स तथा आस्था मेहेंदिरत्ता, यूनिवर्सिटी रिप्रेजेंटेटिव शामिल रहे।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम के अंत में रजिस्ट्रार डॉ. जशनदीप सिंह सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति, विभागों के डीन, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।





