
देहरादून : जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में आईबीएम के सहयोग से ‘आईबीएम जेयू हैकथॉन 2026’ का आयोजन किया गया। इस हैकथॉन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 60 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी तकनीकी प्रतिभा, रचनात्मक सोच तथा नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान तलाशने, नए विचार विकसित करने और टीमवर्क के साथ प्रभावी ढंग से काम करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने तकनीकी ज्ञान और अपनी रचनात्मक क्षमता के आधार पर विभिन्न समाधान प्रस्तुत किए।
हैकथॉन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों और नई संभावनाओं से परिचित कराना था। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को अपनी कल्पनाशीलता को तकनीकी समाधानों में बदलने और सीमित समय में समस्याओं का विश्लेषण कर प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, नवाचार की सोच और सामूहिक रूप से कार्य करने की भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
कार्यक्रम में आईबीएम की ओर से गगन अग्रवाल और शुभांगी अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रस्तुत किए गए तकनीक आधारित समाधानों का मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों की तकनीकी समझ, रचनात्मक दृष्टिकोण तथा समस्या समाधान की क्षमता को परखा। उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों की उपस्थिति ने विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र की व्यावहारिक आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान किया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को यह जानने का मौका मिला कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में किसी समस्या की पहचान करने, उसके लिए उपयुक्त तकनीक चुनने और उपयोगी समाधान तैयार करने की प्रक्रिया किस प्रकार अपनाई जाती है।
प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न तकनीकी विचारों और समाधानों को निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुत किया। हैकथॉन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को टीम के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित करने, विचारों को साझा करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए समाधान विकसित करने का अनुभव मिला। इस दौरान विद्यार्थियों ने न केवल अपनी तकनीकी दक्षता का परिचय दिया, बल्कि रचनात्मक सोच, समय प्रबंधन और सामूहिक प्रयासों के महत्व को भी समझा। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उन्हें रोजगार तथा उद्यमिता के क्षेत्र में आवश्यक कौशल विकसित करने में मददगार साबित होते हैं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
प्रतियोगिता के परिणामों में देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, इकफाई यूनिवर्सिटी ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि शिवालिक यूनिवर्सिटी की टीम तृतीय स्थान पर रही। विजेता टीमों के प्रदर्शन को प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता का उदाहरण माना गया। विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता ने प्रतियोगिता को प्रतिस्पर्धात्मक और ज्ञानवर्धक बनाया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को परखने के साथ-साथ अन्य संस्थानों के प्रतिभागियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर भी दिया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. संदीप कौटिश की देखरेख में संपन्न हुआ। निर्णायक मंडल में आईबीएम के विशेषज्ञ गगन अग्रवाल और शुभांगी अग्रवाल के साथ जिज्ञासा विश्वविद्यालय की ओर से अनुराग कुमार और डॉ. विजयलक्ष्मी सजवाण शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत समाधानों का आकलन किया और उनके विचारों, तकनीकी दृष्टिकोण तथा समस्या के समाधान के लिए अपनाई गई प्रक्रिया के आधार पर टीमों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. अमित कुमार, कार्यक्रम संयोजक आयुषी ठाकुर सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न गणमान्य व्यक्ति और छात्र उपस्थित रहे। आयोजन में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और आयोजकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने प्रतियोगिता के संचालन और प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने में सहयोग किया।
जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में आयोजित इस हैकथॉन ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक रूप में इस्तेमाल करने, नए विचारों पर काम करने और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को समझने का अवसर प्रदान किया। आईबीएम के सहयोग से आयोजित इस पहल के जरिए शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रयास किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विश्वविद्यालयों की भागीदारी और विद्यार्थियों के उत्साह ने तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार तथा व्यावहारिक कौशल को जोड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
खबर को अधिक संक्षिप्त और प्रभावी बनाओदोहराव हटाकर भाषा सहज बनाओ






