
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत जनपदों के कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं चमोली जिले में भी कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। यहां कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो नवंबर तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बना रह सकता है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क हो गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब मौसम या किसी तरह के खतरे की आशंका होने पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ही रोका जाए। साथ ही यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी की जाए और हालात के अनुसार समय रहते जरूरी फैसले लिए जाएं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तुरंत मदद पहुंचाने के लिए राहत और बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया है।
वहीं, प्रशासन ने आम लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान गैरजरूरी यात्रा से बचने के साथ ही नदी-नालों, जलधाराओं और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।पांच जिलों का ऑरेंज अलर्ट स्पष्ट करेंखबर को और संक्षिप्त बनाएंस्क्रिप्ट में मजबूत शुरुआत जोड़ें






