
Dehradun: Uttarakhand Chief Minister Harish Rawat speaks to media in Dehradun on Wednesday. PTI Photo (PTI7_22_2015_000251B) *** Local Caption ***
देहरादून : वक्फ संशोधन विधेयक पर उत्तराखंड के पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि ये सत्ता पक्ष की हठधर्मिता का परिणाम है। पहले भी जब वक्फ संशोधन विधेयक में संशोधन किए गए थे, तब सवाल उठाए गए थे।भाजपा के ध्रुवीकरण के एजेंडे का हिस्साहरीश रावत ने कहा कि तब हमने चर्चा के माध्यम से उनका समाधान किया था। लेकिन सरकार समाधान नहीं कर रही हैं। कहा कि ऐसा लगता है कि यह भी भाजपा के ध्रुवीकरण के एजेंडे का हिस्सा है। हम अपनी बात संसद में रखेंगे। भाजपा का प्रचार तंत्र उल्टा प्रचारित करता है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने प्रदेश में विभिन्न स्थानों का नाम बदलने को लेकर भाजपा की धामी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अपनों के सवालों से घिरी सरकार ने जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठाया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस प्रदेश के विभिन्न स्थानों का नाम बदलने की घोषणा की। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के इस कदम को मुद्दा बना लिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आठ वर्षों से है, लेकिन उसके पास गिनाने के लिए आठ उपलब्धियां नहीं हैं।
इससे मुख्यमंत्री धामी घबराए हुए हैं। इसी कारण जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार यह प्रयास कर रही है।बेहतर होता कि सरकार इस मामले में पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से राय लेती। उन्होंने कहा कि औरंगजेब का नाम बदलना अच्छी बात है। वह क्रूर शासक था। कोई मुस्लिम व्यक्ति अपने बच्चे का नाम औरंगजेब नहीं रखता।सरकार ने नाम बदलने के क्रम में मियांवाला गांव के लिए भी यही कदम उठाया। उत्तराखंड में मियां राजपूतों की एक जाति है। यही नहीं, सरकार ने लिविंग इन का समान नागरिक संहिता में प्रविधान कर सनातन संस्कृति और संस्कारों पर चोट की। उन्होंने कहा कि भाजपाई झूठ का भंडाफोड़ करने के लिए वह पूरी ताकत से जुटेंगे।