
मणिपुर : विष्णुपुर जिले के बाहरी इलाकों में मंगलवार रात हुई गोलीबारी की घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, चूड़ाचांदपुर जिले की सीमा से सटे तोरबंग और फौगाकचाओ इखाई क्षेत्रों के आसपास देर रात कई राउंड फायरिंग की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्थानीय आबादी में दहशत फैल गई। लंबे समय से अशांत रहे इन सीमावर्ती इलाकों में अचानक हुई इस गोलीबारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल गोलीबारी के कारणों और इसके पीछे के मकसद की जांच की जा रही है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फायरिंग किस समूह या किन लोगों की ओर से की गई, और क्या इसका उद्देश्य किसी विशेष इलाके में भय फैलाना या किसी संभावित टकराव को उकसाना था। पहाड़ी इलाकों के नजदीक हुई इस घटना के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले लोग रात भर सतर्क रहे और कई परिवारों ने अपने घरों से बाहर निकलने से परहेज किया।
सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जवानों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया। गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर चौकसी कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और बल भेजे जाएंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में हालात कुछ हद तक सामान्य होते दिख रहे थे, लेकिन इस तरह की घटनाओं से उनके भीतर फिर से भय और असुरक्षा की भावना गहराने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सीमावर्ती इलाकों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिक बिना डर के अपना दैनिक जीवन जी सकें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित पहलू को ध्यान में रखते हुए इलाके की घेराबंदी और निगरानी में जुटी हुई हैं, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।




