
बरेली : जीआरपी ने मौलाना तौसीफ रजा की मौत के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी पंकज राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जीआरपी का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने झगड़े के बाद मौलाना को ट्रेन से धक्का देने की बात स्वीकार की है। एसएसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला के अनुसार, मामले में अब गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
जीआरपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पंकज राजपूत मुरादाबाद के मोहल्ला कानून गोयान का निवासी है और उसकी उम्र 25 वर्ष है। वह इस मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था। पुलिस अधीक्षक रेलवे, मुरादाबाद द्वारा उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर जीआरपी ने उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी को प्लेटफॉर्म नंबर दो पर गश्त और चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। यह मामला थाना जीआरपी बरेली जंक्शन में दर्ज है। जांच के दौरान यात्रियों से पूछताछ, वीडियो क्लिप और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई थी।
मौलाना तौसीफ रजा का शव 27 अप्रैल की सुबह बरेली के कैंट थाना क्षेत्र स्थित पालपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। बिहार के किशनगंज निवासी तौसीफ रजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने के बाद 04314 योगनगरी ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे।
जांच में सामने आया कि मौलाना के पास जनरल टिकट था, लेकिन वह स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे थे। चार मई को उनकी पत्नी तबस्सुम ने बरेली पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ट्रेन में उनके पति के साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें बाहर फेंक दिया गया। तबस्सुम के अनुसार, घटना से पहले मौलाना ने फोन कर बताया था कि ट्रेन में कुछ लोगों से उनका विवाद हो रहा है।
मामले की तह तक पहुंचने के लिए जीआरपी ने ट्रेन के कोच संख्या 8, 9 और 10 में यात्रा कर रहे 200 से अधिक यात्रियों से पूछताछ की। इसके अलावा बरेली जंक्शन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पंकज राजपूत की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जीआरपी का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में झगड़े के बाद मौलाना को ट्रेन से धक्का देने की बात कबूल की है।




