
देहरादून : मुख्यमंत्री आवास में पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली’ की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावपूर्ण स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के अद्वितीय साहस, देशभक्ति और नैतिक दृढ़ता को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में त्याग, सत्य और कर्तव्यबोध का प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली ने ब्रिटिश हुकूमत के दौर में पेशावर कांड के दौरान वह ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिसने उन्हें सदा के लिए अमर कर दिया। उन्होंने निहत्थी और शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही जनता पर गोली चलाने के अंग्रेजी हुक्म को अस्वीकार कर यह सिद्ध किया कि सच्ची देशभक्ति केवल आदेशों के पालन में नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने में निहित होती है। उनका यह साहसिक कदम न केवल उस समय के लिए असाधारण था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी नैतिक साहस का सर्वोच्च उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेशावर कांड भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक अध्याय रहा है। यह घटना उस दौर में हुई जब अंग्रेजी शासन दमन और भय के बल पर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा था। ऐसे समय में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जैसे सपूतों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत का सैनिक भी अन्याय का औजार बनने को तैयार नहीं है। इस घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देशभर में ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनभावनाओं को और अधिक मजबूत किया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली केवल एक सैनिक नहीं, बल्कि एक विचार थे। उन्होंने यह दिखाया कि वर्दी में रहते हुए भी मानवता, सत्य और राष्ट्रप्रेम को सर्वोपरि रखा जा सकता है। उनका यह निर्णय व्यक्तिगत बलिदान से जुड़ा था, क्योंकि इसके परिणामस्वरूप उन्हें कठोर दंड और यातनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने सदैव देश को वीर, साहसी और बलिदानी सपूत दिए हैं। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उसी परंपरा के प्रतीक हैं, जिन्होंने अपने आचरण से यह प्रमाणित किया कि पहाड़ की आत्मा स्वतंत्रता, स्वाभिमान और सत्य के लिए संघर्ष करना जानती है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और यह समझना चाहिए कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों और नायकों की स्मृतियों को संजोने और नई पीढ़ी तक उनके विचारों और योगदान को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके जीवन की गाथा केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं के चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बने, यही सरकार का प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली का साहस और बलिदान सदैव देशवासियों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। उनकी जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का भी क्षण है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में कितना आत्मसात कर पा रहे हैं।





