
देहरादून : नववर्ष के आगमन के साथ उत्तराखण्ड में उत्सव, पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियाँ चरम पर रहीं, जिसका सीधा असर राज्य की आबकारी आय पर देखने को मिला। क्रिसमस से लेकर नववर्ष के सप्ताह के दौरान मदिरा बिक्री ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया और राज्य को सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार यह अवधि विभाग के लिए अब तक की सबसे सफल बिक्री अवधियों में शामिल रही।
आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 24 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच राज्यभर में मदिरा की मांग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई। पर्वतीय पर्यटन स्थलों से लेकर मैदानी जिलों तक होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट और बार पूरी तरह गुलजार रहे। खासतौर पर देहरादून, मसूरी, हरिद्वार, नैनीताल, भीमताल, ऋषिकेश और ऊधमसिंहनगर जैसे क्षेत्रों में नए साल की पार्टियों के चलते खपत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक रही।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष नए साल के आयोजनों के लिए पहले से बेहतर व्यवस्थाएं की गई थीं। एक-दिवसीय बार लाइसेंस, होटल-रेस्टोरेंट की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किए जाने से वैध बिक्री को बढ़ावा मिला। इसका परिणाम यह रहा कि अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण बना रहा और राजस्व सीधे सरकारी खजाने में पहुंचा।
आबकारी अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई, जबकि शराब की दुकानों और बारों पर निर्धारित समय, मूल्य सूची और लाइसेंस शर्तों का सख्ती से पालन कराया गया। अधिक कीमत वसूलने या नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की गई, जिससे उपभोक्ताओं में भरोसा बना रहा।
नए साल के जश्न के दौरान सड़क सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में रही। पुलिस और आबकारी विभाग के संयुक्त अभियान के तहत जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाए गए। नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई, जिससे बड़े हादसों को रोकने में मदद मिली। अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नियंत्रण और समन्वय बेहतर रहा।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि बेहतर मौसम, लंबे वीकेंड और बड़े स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों ने सैलानियों को उत्तराखण्ड की ओर आकर्षित किया। बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के चलते होटल और बार व्यवसाय को भी अच्छा लाभ हुआ, जिसका सकारात्मक असर आबकारी राजस्व पर पड़ा।
आबकारी विभाग का कहना है कि आने वाले महीनों में भी पर्यटन सीजन को देखते हुए इसी तरह की संतुलित नीति अपनाई जाएगी, ताकि एक ओर राजस्व वृद्धि हो और दूसरी ओर सामाजिक व सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर भी पूरी तरह ध्यान रखा जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार, मिलावट और नियम उल्लंघन के मामलों में भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।







