
देहरादून : पछवादून क्षेत्र में जैव विविधता को लेकर एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक घटना सामने आई है। वन विभाग की टीम ने ग्राम कैंचीवाला स्थित एक आवासीय भवन से दुर्लभ प्रजाति के सांप ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक (लाइकोडोन जारा) का सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह पहला अवसर है जब पछवादून क्षेत्र में इस विशेष प्रजाति का सांप रेस्क्यू किया गया हो।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह कैंचीवाला निवासी प्रमोद कुमार ने अपने घर में सांप देखे जाने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज की टीम सक्रिय हुई और विभागीय सर्पमित्र आदिल मिर्जा मौके पर पहुंचे। उन्होंने सूझबूझ और सावधानी के साथ सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू किया गया सांप लाइकोडोन जारा प्रजाति का है, जिसे आमतौर पर ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक के नाम से जाना जाता है। यह सांप गैर विषैला होता है और भारत के अत्यंत सुंदर सांपों की सूची में शामिल है। यह प्रजाति एशिया के विभिन्न देशों में पाई जाती है और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में भी इसका प्राकृतिक आवास मौजूद है, हालांकि पछवादून में इसका दिखना दुर्लभ माना जा रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी पंकज ध्यानी ने बताया कि रेस्क्यू किए गए सांप को वन विभाग की निगरानी में उसके अनुकूल प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा, ताकि उसका जीवन चक्र सुरक्षित रूप से जारी रह सके। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि वन्य जीव दिखाई दें तो घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
इसी क्रम में वन विभाग की टीम ने डाकपत्थर क्षेत्र में भी एक और वन्य जीव को सुरक्षित बचाया। डाकपत्थर स्थित एक आवासीय भवन में कबर बिज्जू (हनी बैजर) दिखाई देने की सूचना मिलने पर चौहड़पुर रेंज की टीम मौके पर पहुंची। सर्पमित्र आदिल मिर्जा ने सुरक्षित तरीके से कबर बिज्जू का रेस्क्यू कर उसे आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में मानव-वन्य जीव संपर्क की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, जिसका कारण जंगलों के आसपास आबादी का विस्तार और मौसम में बदलाव भी है। ऐसे मामलों में सतर्कता और समय पर सूचना से किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सकता है।





